सूरजपुर: अजीबोगरीब मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर मुख्यालय से कुछ किमी दूर ग्राम सेमई आमाडांड़ की है, जानकारी के मुताबिक चंदौरा थाना अंतर्गत इस ग्राम के किशुन लोहार की 15 वर्षीय लड़की अनिता कुछ दिनों से बीमार थी, उसे बुखार के साथ उल्टियां हो रही थी, उसकी स्थिति बिगड़ती देख उसके परिजन पहले उसे प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आये थे, स्थिति देखकर यहां पर चिकित्सकों ने उसे अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी।
इस पर 28 सितंबर को उसके परिजन उसे अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहाँ पर उसकी स्थिति नाजुक होने पर उसे आईसीयू में भी रखा गया पर ईलाज के दौरान गुरुवार की सुबह 3 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृत घोषित किये जाने के उपरांत तमाम औपचारिकता के बाद सुबह 9 बजे किशुन लोहार अपनी बेटी का शव मुक्तांजली वाहन से लेकर अपने गांव पहुंचे, इस दौरान परिजन ने उसके दाह संस्कार की पूरी तैयारी कर ली थी, थोड़ी देर बाद ही मृत अनिता लोहार को जैसे परिजन शमशान घाट ले जाने के लिए तैयार हुए, उसी दौरान कथित रूप से लड़की अर्थी से उठ गई और बैठ गई।
अचानक लड़की को इस तरह उठता देख एक बार तो सभी परिजन डर गए, लेकिन उसने जैसे ही उसने पीने के लिए दूध मांगा, पूरे घर में मातम का माहौल खुशी में बदल गया और परिजन तुरंत उसको दूध पिलाये, इसके तुरंत बाद लड़की फिर बेहोश हो गई, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लड़की पूरे होशो-हवास में है और देख-सुन रही है, लेकिन कुछ बोल नहीं पा रही है।
इस घटना कि जानकारी जैसे ही आसपास क्षेत्र में फैलनी शुरू हुई, लोगो का हुजूम घर के पास उमड़ पड़ा है, कई लोग इसे दैवीय तो कई मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की लापरवाही का आरोप लगा रहे है।
इधर मामले को सुनकर प्रतापपुर बीएमओ डॉ राजेश श्रेष्ठ मौके पर पहुच गए है, उन्होंने बताया की मैं अभी मृत लड़की के घर पर ही हूं। हम लोगों ने उसका पूरा परीक्षण कर लिया है, लड़की की मौत हो चुकी है, इसको लेकर उनके परिजन को बता भी दिया गया है।
इससे पहले क्या हुआ है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है, फिलहाल परिजन को पूरी तरह से परीक्षण कर वर्तमान स्थिति की जानकारी दे दी गई है।
रागनीति के ताजा अपडेट के लिए फेसबुक पेज को लाइक करें और ट्वीटर पर हमें फालो करें।