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शासन से जारी आदेश के बाद फिर फंसा ऑफ कैंपस सेंटर का मामला Featured

गुरुवार शाम बुलाई गई सर्वदलीय बैठक

 

ख़ैरागढ़ 00 ऑफ कैंपस सेंटर का मामला शासन से जारी आदेश के बाद एक बार फिर फंस गया है। दरअसल,ख़ैरागढ़ बंद के बाद ऑफ कैंपस सेंटर को बंद करने की मांग उठी थी। लेकिन 27 सितंबर को कुल सचिव के पत्र के जवाब में उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव ए.आर.खान ने कुलसचिव को आगामी आदेश तक ऑफ कैंपस सेंटर रायपुर में प्रवेश प्रक्रिया आगामी आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया। जबकि ख़ैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद साफ कर दिया था। कि सीएम ने सेंटर बंद करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जन संपर्क विभाग के वेब साइट में भी ऑफ कैंपस सेंटर स्थगित करने की जानकारी दी गई। जिसमें मुख्यमंत्री के जन भावनाओं के सम्मान में निर्णय लेने की बात कही गई। असमंजस भरे इस निर्णय के बाद आंदोलन में शामिल नगरवासियों का गुस्सा एक बार फिर फुट पड़ा है। और साफ कर दिया गया है। कि यदि बंद का ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन आक्रामक रुख अख्तियार करेगा। गुरूवार शाम इसे लेकर सर्वदलीय व सभी सामाजिक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। 

 

नवाज़ ने कहा भाजपा के शासन में लिया गया निर्णय,भाजपा ने कहा 

 

ऑफ कैंपस सेंटर को लेकर अब राजनीति भी गर्मा गई है। ख़ैरागढ़ पहुंचें कांग्रेस नेता नवाज़ खान ने आरोप लगाते हुए कहा निर्णय भाजपा शासन में 2014 में लिया गया है। और संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेंटर को बंद करने का निर्णय ले लिया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष घम्मन साहू ने कहा कि 2014 से 2019 तक भाजपा का शासन था यदि ख़ैरागढ़ की जन भावनाओ के विरुद्ध कोई कार्य किया जाना होता। तो उसी समय किया जाता। लेकिन विखंडन की यह कार्य आज किया गया है। विखंडन कांग्रेस की नीति है। 

 

असमंजस में आम जन मानस

 

विधायक यशोदा वर्मा के बयान के बाद लोग आश्वस्त हो चुके थे। कि ऑफ कैंपस सेंटर बंद होने जा रहा है। और बकायदा नगर के आतिशबाजी की भी तैयारी की गई थी। लेकिन शाम को आदेश की कॉपी सोशल मीडिया में डालते ही फिर से माहौल गरमा गया है।

 

कांग्रेस नेता दर्ज करा चुके हैं विखंडन पर आपत्ति

 

तमाम आरोपों के बावजूद कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं ने इस विखंडन को गैर वाजिब बताया है। एक तरफ जहां विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात किया। वहीं अन्य कांग्रेस नेता कुलपति से मिलकर सीधी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद शासन स्तर से मामले को सुलझाने के बजाय उलझाने वाला आदेश जारी हुआ।

 

बैकफुट पर कांग्रेस

 

जिला निर्माण के बाद से ही ख़ैरागढ़ में फ्रंट फुट पर चल रही कांग्रेस बैक फुट पर आ गई है। और मंगलवार में सफल बंद से भी साफ हो गया कि आम जन मानस में इस विषय को लेकर गहरा आक्रोश है। यदि हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले चुनावों में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। 


मुख्यमंत्री ने दिया है निरस्तीकरण का आदेश


 विधायक यशोदा वर्मा ने मामले में कहा है कि खैरागढ़ के हित के के लिए उन्होंने रायपुर जाकर मुख्यमंत्री से निवेदन किया  । मुख्यमंत्री ने  तुरंत आदेश दिया है कि कैंपस सेंटर को तुरंत निरस्त किया जाये। उनके सामने ओएसडी को आदेश किया।

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रागनीति डेस्क-1

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