अनुबंध के अनुसार 2025 में पूरी हो जानी थी रोड आज तक अधूरी
खैरागढ़. छुईखदान विकासखंड क्षेत्र में समुंदपानी से गाताभरी होते हुए झिलमिली तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य दो साल बाद भी अधूरा पड़ा है। वित्तीय वर्ष 2023–24 में स्वीकृत यह सड़क अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जबकि अनुबंध के अनुसार इसे 15 मार्च 2025 तक पूर्ण होना था। करीब 7.900 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण 485.54 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है, लेकिन धीमी प्रगति के कारण ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
निर्माण में देरी से लोगों को हो रही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क पर आवागमन करना मुश्किल हो गया है। अधूरे निर्माण और खराब सतह के कारण रोजाना लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क का काम अभी भी कई महीनों तक चल सकता है, जिससे क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। सड़क पर डाली गई गिट्टी की परत अपेक्षा से कम बताई जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती पर संदेह जताया जा रहा है। वहीं कई स्थानों पर बोल्डरनुमा मुरूम की जगह मिट्टीनुमा मुरूम डाले जाने की शिकायत भी सामने आई है। करोड़ों की लागत से बनने वाली इस सड़क की गुणवत्ता को लेकर अब डामरीकरण से पहले ही सवाल उठने लगे हैं।
10 पुलिया में से 9 पूर्ण, एक का निर्माण जारी
जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण का ठेका मेमर्स नेतराम साहू, ग्राम संबलपुर, जिला राजनांदगांव को दिया गया है। परियोजना के तहत 10 पुलिया बननी थीं, जिनमें से विभागीय आंकड़ों के अनुसार 9 पुलिया पूर्ण बताई गई हैं, जबकि एक पुलिया का निर्माण अभी प्रगति पर है। फिलहाल मिट्टी कार्य और जीएसबी कार्य पूरा होने का दावा किया गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जीएसबी की परत भी मानक के अनुसार नहीं डाली गई है।
निरीक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल
निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर अब ग्रामीणों ने निरीक्षण करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जाती, तो ऐसी शिकायतें सामने नहीं आतीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
स्टीमेट अनुसार किया जा रहा काम - मिश्रा
कार्यपालन अभियंता पी.एस. मिश्रा ने बताया कि समुन्दपानी–गाताभरी–झिलमिली मार्ग का निर्माण पीएम जनमन योजना के तहत किया जा रहा है। अनुबंध के अनुसार कार्य 15 मार्च तक पूर्ण होना था, लेकिन बीच में रोड में ब्रिज स्वीकृत होने के कारण कुछ समय के लिए कार्य रोकना पड़ा, जिससे निर्माण में विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सड़क पर जीएसबी लेयर का कार्य किया गया है और यह कार्य स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार ही किया जा रहा है। गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण कार्य का नेशनल क्वालिटी मॉनिटर सहित विभिन्न स्तरों पर नियमित निरीक्षण किया जाता है और सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। उनके अनुसार निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता संभव नहीं है तथा प्रयास किया जा रहा है कि कार्य को अप्रैल तक पूर्ण कर लिया जाए।