ख़ैरागढ़ 00 पार्षद निधि के पैसे नगर के वार्डों में आरसीसी कुर्सियों को खरीदी की गई। निर्धारित दर से अधिक दर पर खरीदी गई कुर्सियों को लेकर वार्ड पार्षदों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी मिली है कि घटिया क़्वालिटी की इन कुर्सियों के एवज में पार्षदों को 10 से 15 प्रतिशत का कमीशन दिया गया है। एक तरफ पार्षद पानी, बिजली, सफाई, नाली, सड़क सहित मूलभूत कार्यों के लिए कई पार्षद भले ही नगरपालिका से मांग कर रहे हो। पर अपनी निधि से ऐसे मूलभूत कार्य कराने की बजाय शहर भर में कुर्सी खरीदी का खेल सबसे ज्यादा चल रहा है। शहर के आधे से ज्यादा पार्षद कुर्सियों के खेल में व्यस्त हैं। पार्षदों में इसके चलते होड़ मची है।
3 हज़ार की कुर्सी का किया गया 61 सौ भुगतान
अमूमन 3 हज़ार से 35 सौ के बीच उपलब्ध हो जाने वाले आरसीसी कुर्सियों का 61 सौ रूपए भुगतान किया गया है। प्रत्येक वार्ड में 20 से 25 कुर्सियां खरीदी गई हैं। इस लिहाज़ से पार्षद निधि के लाखों रूपए कमीशन खोरी की भेंट चढ़ चुके हैं।
पक्ष - विपक्ष में है एका
पालिका में कुर्सियों के खेल में पक्ष - विपक्ष में एका है। और मिल बाँटकर को कुर्सियों की खरीदी की आड़ में कमीशन का खेल खेला जा रहा है। बताया जाता है कि कमिशन के चलते ही जनहित के ज्यादातर मुद्दों में विपक्षी पार्षद मौन हैं।
जन समस्याओं के लिए मांग पत्र
एक तरफ तो पार्षद अपनी निधि के पैसों से घटिया क़्वालिटी की कुर्सियां खरीद रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पेजजल,सफ़ाई, शौचालय,नाली,सड़क जैसे ज़रूरी कार्यों के लिए मांग पत्र और ज्ञापन देकर अपनी जवाबदारी पूरी कर रहे हैं। नगर की ज्यादातर समस्याएं यथावत हैं। जिनके निराकरण में पार्षद कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
पार्षद निधि का खर्च पार्षदों का अधिकार - सीएमओ
सीएमओ सूरज सिदार का कहना है कि पार्षद निधि से खर्च करना पार्षदों का अधिकार है। जो भी स्वीकृति दी उसका कार्य पूर्ण कराते भुगतान किया गया है। शहर की
मांगों के लिए भी पालिका द्वारा कार्रवाई लगातार की जा रही है। स्वीकृति आते ही कार्य कराए जा रहे है।