ख़ैरागढ़ 00 अपर सत्र न्यायाधीश चन्द्र कुमार कश्यप ने नाबालिग से छेड़छाड़ के दो आरोपी गजेन्द्र साहू पिता ललित साहू उम्र 19 वर्ष एवं दुर्गेश मण्डावी पिता रामपाल मंडावी उम्र 20 वर्ष दोनों निवासी ग्राम घानीखूंटा को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। घटना की जानकारी देते हुये अपर लोक अभियोजक अलताफ अली ने बताया कि वर्ष 2022 में 7 फरवरी को नाबालिग लगभग 2:15 बजे अपनी सहेली के यहां पुस्तक लेने गई थी किन्तु उसके घर में ताला लगे होने से वह वापस लौट रही थी तभी उसके सहपाठी गजेन्द्र साहू ने उसका रास्ता रोककर उसे साथ चलने के लिये कहा पर पीडि़त नाबालिग ने मना कर दिया तब आरोपी उसके दाहिने हाथ को जबरदस्ती पकडक़र खींचते हुये ले जाने लगा और आवाज देने पर उसका मुंह दबा दिया, अपने कंधे पर उठाकर सह आरोपी दुर्गेश मंडावी के घर ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया और उससे प्यार करने की बात कहने लगा, नाबालिग द्वारा मना करने पर उसके सीने को छुने लगा तब वह डरकर आवाज देने लगी जिसे सुनकर उसका चचेरा भाई पहुंच गया और दरवाजा खोलकर पीडि़ता को बाहर निकाला।
छेड़छाड़ से बढ़े विवाद के बाद नाबालिग ने कर लिया था कीटनाशक का सेवन
घटना के बाद आरोपियों तथा पीडि़ता के भाईयों के बीच विवाद हुआ जिसके बाद पीडि़ता ने अपमानित होने पर आत्महत्या करने की मंशा से कीटनाशक दवाई का सेवन कर लिया था जिसके बाद उसे शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया और उपचार के बाद आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई. घटना में पुलिस थाना खैरागढ़ द्वारा अपराध दर्ज कर विवेचना किया गया और आरोपियों के विरूद्ध सबूत पाये जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया. प्रकरण में पूरी विवेचना के बाद अभियोग पत्र विद्वान न्यायालय खैरागढ़ के समक्ष विचारण के लिये पेश किया गया जहां पीडि़त पक्ष की ओर से अधिवक्ता अलताफ अली ने पैरवी की. अपर सत्र न्यायाधीश चन्द्र कुमार कश्यप ने अपना निर्णय पारित करते हुये आरोपी गजेन्द्र साहू को धारा 342 भादसं के अपराध में 6 माह का कारावास एवं 500 रूपये अर्थदण्ड, धारा 363 भादसं के अपराध में 3 साल का कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड तथा धारा 509 भादसं के अपराध में 1 साल का कारावास एवं 500 रूपये का अर्थदंड वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के अपराध में 3 साल का कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया गया है. इसी तरह प्रकरण के दूसरे आरोपी दुर्गेश मुंडावी को धारा 363 भादसं के अपराध में 3 साल का कारावास एवं 1000 रूपये अर्थदण्ड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 16/17 के अपराध में 3 साल का कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।