खैरागढ़. जिला निर्माण को लेकर खैरागढ़ में विभिन्न स्तरों पर प्रयास हो रहे हैं। गुरूवार को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष क्रांति की मशाल जलाई गई। मशाल जलाने से पूर्व कोरोना काल में खैरागढ़ विधानसभा में दिवंगत हुए कुल 249 प्रतिष्ठित जनों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। और उनके कृतित्व को याद किया गया। खैरागढ़ ब्लॉक में 170 और छुईखदान ब्लॉक जिसमें छुईखदान, गंडई और साल्हेवारा को मिलाकर 79 लोगों ने अपने प्राण गंवाएं। जिनका योगदान इस पूरे विधानसभा को बनाने में रहा है। ऐसे सभी दिवंगत जनों को श्रद्धांजलि देकर परिसर में उजाला किया गया। और 2 मिनट का मौन कर जिला बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान अनुराग तुरे, चंद्रप्रकाश सारथी,विजय प्रताप सिंह, आकाश सारथी, सूरज देवांगन,मंगल सारथी,जिनेश गिडिया,समीर कुरैशी, नरेंद्र सोनी,गौतम सोनी,उत्तम बागड़े,शमशुल होदा खान,अधिवक्ता कौशल कोसरे,महेश गिरी गोश्वामी,श्रेयांश सिंह,नीलेश यादव,नदीम मेमन,राजकुमार बोरकर,उत्तम दशरिया,नागेंद्र साहू,महेश यादव सहित विभिन्न समाजों लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
खैरागढ़ को बनाने में दिवंगत लोगों के त्याग को नहीं भुलाया जा सकता - झा
कार्यक्रम में दिवंगत जनों को याद करते हुए जिला निर्माण समिति के पंडित मिहिर झा ने कहा कि कोरोना काल में क्षेत्र के प्रतिभा सम्पन्न लोग नहीं रहे । आज जो क्रांति की मशाल जल रही है। उसे जलाने में उन सभी के त्याग को भुलाया नहीं जा सकता । पंडित झा ने कहा कि जिला निर्माण में उन सभी दिवंगत जनों की आहुति भी डली है। इसलिए पूरा विश्वास है।कि जल्द ही जिले की सौगात मिलेगी। पंडित झा ने सभी से अपने स्तर पर प्रयास तेज़ करने कहा। कार्यक्रम में उपस्थित जनों का आभार जताते हुए भागवत शरण सिंह ने कहा आज 9 सालों से जिला निर्माण के लिए सतत संघर्ष चल रहा है। ये 1857 की क्रांति की याद करते हुए सिंह ने कहा कि उस लड़ाई में क्रांति की लड़ाई टोलियों में लड़ी गई थी। ये लड़ाई भी कुछ ऐसी ही है। सभी को अपने अपने स्तर पर समग्र प्रयास करना होगा । तभी सफलता मिलेगी।
अंबेडकर चौंक में जलाई जा रही क्रांति की मशाल अब रोज़ जलेगी। किसी एक स्वयं सेवी संगठन के सदस्य आकर इस मशाल को जलाएंगे। और जिला निर्माण के संकल्प को अपने समाज व संगठन के माध्यम से जन जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगें।
हर स्तर पर चल रहा प्रयास
गुरुवार सुबह से नगर स्वस्फूर्त बंद रहा।
नगर नरेंद्र सोनी,राजू यदु,शमशुल होदा खान,उत्तम बागड़े,शिवानी परिहार,राजकुमार बोरकर भूख हड़ताल में बैठे हुए हैं।
नगर के मुख्य चौंक में क्रांति की मशाल जल रही है
ग्रामीण क्षेत्र के रहवासी भी उठा रहे मांग
मांग को अब ग्रामीण क्षेत्र से भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। यदि जिले की सौगात मिलती है तो लोगों को अपने कामों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। कस दिशा में भी सभी संगठनों के प्रयास तेज़ करने की बात कही गई है।