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जिला पंचायत प्रतिनिधि पर दो कार्यकर्ताओं से 30 हजार की मांग का आरोप, जीवन देवांगन बोले—झूठा है Featured

खैरागढ़. जिला पंचायत सभापति भुवनेश्वरी देवांगन के पति जीवन देवांगन पर दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बेहद गंभीर आरोप लगाकर पूरे जिला प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप न सिर्फ दबंगई के हैं, बल्कि सीधे-सीधे 30 हजार रुपए की अवैध वसूली, जातिगत भेदभाव, और मानसिक प्रताड़ना के हैं। शिकायत सीधे मंत्री खुशवंत साहेब के पास पहुंची, जहां से कार्रवाई के लिए फाइल एसपी कार्यालय भेजी गई और अब मामला पुलिस थाना ठेलकाडीह में जांच के अधीन है। चुनाव को महज 10 महीने पूरे हुए हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष के परिवार पर ऐसे आरोप लगना पूरे तंत्र के लिए शर्मनाक स्थिति पैदा कर रहा है।


सतनामी समाज की दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बोलीं – “नौकरी से निकालने की धमकी”

पहली शिकायत दुलारी बाई, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता छेछान पहरी से है। दुलारी ने मंत्री को दिए पत्र में कहा कि 9 जून को जिला पंचायत सदस्य भुवनेश्वरी देवांगन और उनके पति जीवन देवांगन अचानक दौरे पर आए। दुर्भाग्य से उस दिन केंद्र बंद था क्योंकि दुलारी ने पहले से ही सुपरवाइजर कंचना राठौर को छुट्टी का आवेदन दे रखा था। बावजूद इसके, जीवन देवांगन ने बंद केंद्र को मुद्दा बनाकर न सिर्फ गलत आरोप लगाए बल्कि 11 जून को दोबारा केंद्र पहुंचकर 30 हजार रुपए देने पर मामले को “रफा-दफा” करने की बात कही।

दुलारी बाई के मुताबिक, “मैंने साफ कहा कि मैंने छुट्टी का आवेदन दिया है, मैं क्यों पैसे दूं? इसके बाद लगातार धमकी, सूचना अधिकार लगाना। साफ बात है सतनामी समाज के हूं इस कारण मुझे काम से निकलना चाहता है।


दूसरी शिकायत: चमेली बाई ने भी वही आरोप दोहराए – जबरन पैसे की मांग

मरकामटोला केंद्र क्रमांक 1 की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चमेली बघेल ने भी जीवन देवांगन पर बिल्कुल वही आरोप लगाए। चमेली ने बताया कि उनके केंद्र का दरवाजा बंद देखने के बाद जीवन देवांगन ने फोन कर कारण पूछा। चमेली ने तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उसी दौरान सहायिका भी पहुंच गई और जैसे ही केंद्र खोला जाने लगा, जीवन देवांगन बंद दरवाजे की फोटो खींचकर ले गए।

कुछ दिन बाद वे अकेले आए और 30 हजार रुपए नहीं देने पर आगे शिकायत बढ़ाने की धमकी दी। चमेली ने बताया कि “अब लगातार सूचना अधिकार के माध्यम से परेशान किया जा रहा है। यह दबाव बनाकर हमें काम से हटाने की साजिश है।”

एसपी कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार 18 अक्टूबर 2025 को मंत्री कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ। स्पष्ट है कि मामला दबाया नहीं गया, बल्कि उच्चस्तरीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।

पुलिस जांच की पुष्टि – एसपी कार्यालय से पत्र थाना ठेलकाडीह को भेजा गया

ठेलकाडीह थाना में जांच अधिकारी मनोज कुमार सेंडे ने पुष्टि की कि मामले की फाइल एसपी कार्यालय से भेजी गई है। उन्होंने बताया, “सितम्बर महीने की शिकायत मंत्री खुशवंत साहेब के पास की गई थी। वहां से फाइल एसपी कार्यालय आई, फिर 4 नवंबर को थाना को जांच के लिए भेजी गई। दो लोगों के बयान लिए गए हैं, जांच जारी है।

शिकायत की जानकारी मुझे नहीं थी, अब आपसे पता चल रहा है। दरअसल, मई माह में ही इन आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद पाया गया था और बच्चों से संबंधित कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिला। इसी वजह से मैंने कलेक्टर महोदय के पास शिकायत की थी। अब उसी कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित कार्यकर्ताओं द्वारा मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

जीवन देवांगन, जिला पंचायत प्रतिनिधि

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Last modified on Thursday, 13 November 2025 19:17

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