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गर्म भोजन का नया खेल उजागर: घिरघोली सेक्टर में ‘100% हाज़िरी’ का चमत्कार, निजी स्कूलों के बच्चे भी आंगनबाड़ी में खिला दिए! Featured

 

खैरागढ़. पांडादाह और ठेलकाडीह सेक्टर में गर्म भोजन फर्जीवाड़ा मामले में खानापूर्ति कर बच निकलने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी अब फिर छुई खदान परियोजना अंतर्गत आने वाले घिरघोली सेक्टर में नए खुलासे की चपेट में आ गए हैं। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों की गहन जांच में पता चला है कि विभाग ने इस बार फर्जीवाड़े की नई तकनीक ईजाद की—बच्चे कम, भोजन करने वाले ज्यादा, और रिपोर्ट में 100 प्रतिशत हाजिरी। यह पैटर्न घिरघोली सेक्टर के 29 आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग समान रूप से मिला है।

ओटेबंद केंद्र में मार्च 2025 में 51 दर्ज, लेकिन रोज 48 बच्चे भोजन… जमीनी हकीकत: मुश्किल से आते हैं 20–25 बच्चे

 

ओटेबंद आंगनबाड़ी में मार्च 2025 के मासिक व्यय पत्रक के अनुसार 51 बच्चों में से प्रतिदिन औसतन 48 बच्चों ने भोजन किया। यानी 94 प्रतिशत उपस्थिति। ग्रामीणों ने बताया कि यह संख्या पूरी तरह झूठ है—प्रतिदिन मुश्किल से 20–25 बच्चे भी नहीं आते। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये अतिरिक्त 20–25 बच्चे कौन थे, जिनके नाम पर भोजन दिखाया गया?

 

100% हाजिरी का चमत्कार—अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर में एक भी बच्चा अनुपस्थित नहीं!

 

रिकॉर्ड के मुताबिक अक्टूबर 2024 में 45 दर्ज बच्चों में से किसी भी दिन एक भी बच्चा अनुपस्थित नहीं रहा, यानी पूरे महीने 100 प्रतिशत हाजिरी! यही पैटर्न नवंबर और दिसंबर में भी दोहराया गया। अनुभवी कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी आंगनबाड़ी में 100% उपस्थिति कभी संभव ही नहीं—बच्चे बीमार होते हैं, छुट्टी पर जाते हैं, मौसम खराब होता है—लेकिन रिकॉर्ड में सब चमत्कारी ढंग से मौजूद।

 

हद पार—निजी स्कूलों के बच्चे भी ‘गर्म भोजन’ खाते दिखा दिए

 

इस फर्जीवाड़े की सबसे शर्मनाक परत तब खुली जब ग्रामवासियों ने बताया कि उनके घर के 0–6 वर्ष के बच्चे कभी आंगनबाड़ी गए ही नहीं, क्योंकि वे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। फिर भी आंगनबाड़ी रिकॉर्ड में उन्हें प्रतिदिन भोजन ग्रहण करने वाला बताया गया है। स्पष्ट है कि बच्चों के नाम पर ‘भोजन’ सिर्फ कागजों पर पकाया जा रहा था, पैसा किसी और के थैले में जा रहा था।

 

कोटरीछपार, अतरिया, कुकरमुड़ा, पंडारिया, जंगलपुर, खोघा कला… सब जगह एक ही पैटर्न

 

घिरघोली केंद्र में अक्टूबर और जुलाई 2024 में सभी दर्ज 34 और 36 बच्चों को प्रतिदिन भोजन कराता दिखाया गया है। कोटरीछपार में 100% हाजिरी, अतरिया केंद्र में मार्च 2025, फरवरी 2025 और जुलाई 2024—तीनों महीनों में सभी बच्चे 40 के 40 हर दिन भोजन करने का दावा।

कुकरमुड़ा, संडी, पंडारिया, जंगलपुर, खोघा कला, विचारपुर, खैरी, शाखा, कोरार्य—सभी केंद्रों में समान पैटन बच्चों की संख्या फिक्स, उपस्थिति 100%, भोजन 100%—और पैसा भी 100% साफ।

 

भरदागोड़ केंद्र क्रमांक 2 में भी ‘परफेक्ट हाजिरी’—जनवरी से मार्च 2025 तक एक भी बच्चा गायब नहीं!

 

इस केंद्र में जनवरी, फरवरी और मार्च 2025—सभी महीनों में दर्ज 25 के 25 बच्चों ने रोज गर्म भोजन किया बताया गया है। यही नहीं, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर 2024 में भी पूरे बच्चे रोजाना भोजन करते दिखाए गए। रिकॉर्ड की यह ‘परफेक्ट हाजिरी’ अब खुद रिकॉर्ड को ही शक के घेरे में ला रही है।

 

 

यह बिल्कुल संभव नहीं है कि कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र 100 प्रतिशत हाजिरी दिखाए। रिकॉर्ड में पूरे के पूरे बच्चों के रोज आने की बात गंभीर संदेह पैदा करती है। यदि कहीं ऐसा दिखाया गया है, तो मैं इसकी अपनी स्तर पर जांच करूँगी और वास्तविक स्थिति सामने लाऊँगी।

 

भुनेश्वरी बंजारे, सुपरवाइजर, घिरघोली सेक्टर

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