ख़ैरागढ़:गांतापार जंगल के पदस्थ शिक्षिका रेणु मालवीय ने पुरुष शिक्षकों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। मालवीय ने दिए गए आवेदन में कलेक्टर को बताया कि मैं विगत 11 वर्षों से शा.उ.मा.शाला गातापार जंगल में व्याख्याता (एल.बी.) के पद पर पदस्थ हूँ। विद्यालय में विद्यालयीन कार्य में प्रभारी प्राचार्य का सहयोग करनें पर एवं विभागीय दायित्व लेने पर पुरूष शिक्षकों के द्वारा ईष्यावश ग्रामीणों को उकसाकर विगत ढ़ाई माह से मेरे खिलाफ तथ्यहीन एवं निराधार आरोप लगाकर ग्रामीणों के द्वारा जिलाधीश राजनांदगांव से प्रभारी प्राचार्य के साथ मेरी भी शिकायत की गयी थी।
जांच में निराधार निकली शिकायत
जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय ने इसकी विभागीय जाँच भी की। सारी शिकायतें तथ्यहीन एवं निराधार पाई गई हैं। इसके बावजूद लगातार हमारी शिकायत करने एवं मेरे सम्मान एवं छवि को खराब करने के लिये समाचार पत्र में खबर प्रकाशित कर हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की लगातार कोशिश की जाती रही है,जिसके कारण मेरे द्वारा खराब वातावरण से पीड़ित होकर एवं किसी दुर्घटना की आशंका से अन्यत्र शाला में पदस्थापना हेतु आपके समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत कर चुकी हूँ।
पुरुष शिक्षक नहीं करते दायित्वों का निर्वहन
जिला शिक्षाधिकारी ने गातापार स्कूल के निरीक्षण व जांच के बाद प्राचार्य व सभी शिक्षकों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने का लिखित में निर्देश दिया था। मालवीय ने बताया कि मेरे पास विद्यालय का सबसे महत्वपूर्ण विभाग बोर्ड एवं स्थानीय परीक्षा तथा विज्ञान विभाग है। यहाँ पदस्थ पुरुष शिक्षक कक्षा शिक्षक होते हुये भी अपने दायित्वों को पूर्ण नही करते थे एवं काम में सहयोग नही देते थे। पूर्व में जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय से उनके लिये स्पष्टीकरण भी जारी किया गया था। ये शिक्षक मुझसे चिढ़कर अपने पक्ष के ग्रामीणों को मेरे विरूद्ध उकसानें लगे एवं मेरी शिकायत भी करवायी ।
11 वर्षों से कर रही निष्ठा पूर्वक काम
शासन ने हमारे विद्यालय के दो शिक्षकों का ऐच्छिक स्थानांतरण होने पर शिक्षकों ने नाबालिग विद्यार्थियों को दिग्भ्रमित कर भावनात्मक रूप से बहकाकर हमारे विरूद्ध तैयार किया और स्टूडेंट गोंडवाना यूनियन ने प्राचार्य को बिना सूचना दिये विद्यार्थियों को शाला गणवेश में कलेक्रेट परिसर लाकर मेरे विरूद्ध शिकायत की गयी है कि मैं सिलेबस पूर्ण नहीं करवाती जबकि मैं विगत 11 वर्षों से निष्ठापूर्वक अध्यापन कार्य करते हुये कोर्स पूरा करवाते आ रही हूँ ।
अंबेडकर चौंक में की गई नारेबाजी से हैं आहत
14 अक्टूबर 2022 को शाला में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कलेक्टोरेट परिसर में लाकर एवं सरेराह अंबेडकर चौक,खैरागढ़ में हमारे विरूद्ध नाम सहित "रेणू मालवीय का ट्रांसफर करो" की नारेबाजी की गयी एवं यूटयूब के माध्यम से विडीयो भी वायरल किया गया है जो एक शिक्षकीय गरिमा के विरूद्ध एवं महिला मान संम्मान के लिये कुठाराघात है जिससे हमारे परिवार की छवि भी धूमिल हो रही है। विद्यार्थियों के द्वारा इस प्रकार किये गये अपमान को हम सहन नही कर पा रहे हैं।