ख़ैरागढ़ 00 रायपुर में खोले गए ऑफ कैंपस सेंटर के विरोध में आयोजित नगर बंद का व्यापक असर रहा। सुबह से स्वस्फूर्त होटल,पान ठेलों से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी पूरी तरह से बंद रहे। यहाँ तक सब्जी विक्रेताओं ने भी अपनी दुकानें बंद रखी। बंद के लिए समर्थन जुटाने के लिए आम लोग ही घूमते दिखे। बंद को ख़ैरागढ़ अधिवक्ता संघ,व्यापारी संघ,अर्जिनवीस संघ ने अपना पूर्ण समर्थन देते हुए काम बंद रखा। इतिहास में पहली बार अर्जिनवीस बंद का हिस्सा बने। इसकी वजह से न्यायालय व रजिस्ट्री संबंधी अन्य काम भी प्रभावित हुए। अधिवक्ता संघ ने कलेक्टर को राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा। और खोले गए ऑफ कैंपस सेंटर को बंद कर विखंडन रोकने की मांग की। इस दौरान सभी अधिवक्तागण मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने दर्ज की आपत्ति
इससे पहले सोमवार शाम कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधि मंडल भी कुलपति डॉ.ममता चंद्राकर से मिला। ऑफ कैंपस सेंटर खोले जाने पर विरोध दर्ज कराया और उसे जल्द से जल्द बंद करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि आखिर इस तरह का निर्णय क्यों लिया गया।
क़्वालिटी शिक्षण की बात
हालांकि एक दिन पहले कुलपति ने पत्रकार वार्ता कर इसे पिछले कार्यकाल का निर्णय बताते हुए कहा कि इससे विवि का विस्तार होगा। और उक्त सेंटर में क़्वालिटी शिक्षण की बात कही। जिसके बाद आंदोलन रत लोगों का गुस्सा और भड़क उठा।
उग्र आंदोलन की तैयारी
ऑफ कैंपस सेंटर को लेकर जन आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही। खासकर आम जन मानस में इसे लेकर गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। लोग सोशल मीडिया में जमकर गुस्सा निकाल रहे है।
अब तक क्या हुआ ?
शुक्रवार को रायपुर में गुपचुप ऑफ कैंपस सेंटर खोले जाने की सूचना दी गई
शनिवार को इसका उद्गाटन कर दिया,जिसमें डिप्लोमा की शिक्षा देने की बात कही गई
विरोध में रविवार को मशाल रैली निकाली,और बंद का आह्वान किया
मंगलवार को पूरा ख़ैरागढ़ बंद रहा।