ख़ैरागढ़. धर्मयात्रा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है। यात्रा अपने 35 वें पड़ाव में छुईखदान ब्लॉक के श्री हनुमान मंदिर बुंदेली पहुंचीं। मंदिर का निर्माण साल 2002 में बुंदेली के व्यवसायी बलदाऊ सोनी ने कराया था। बुंदेली में धर्मयात्रा में सुंदरकांड के दौरान धर्मयात्रा प्रमुख भागवत शरण सिंह ने कहा कि हालांकि बुंदेली धर्मयात्रा का नियत मार्ग नहीं था। पर धर्मरक्षक युवा दिवाकर सोनी और रामविलास जंघेल,चैन जंघेल,पुरुषोत्तम ठाकुर,भीखम जंघेल,भैयाराम पाल,निर्भय जंघेल,दुलास जंघेल,मनीष जैन,पोषण गुप्ता,दिलीप गुप्ता,गौतम जंघेल, सुरेंद्र गुप्ता,अमित जैन,राहुल पारख, सुखव ठाकुर,विपिन सोनी,मनोज सोनी व समस्त ग्रामवासी की प्रबल इच्छा शक्ति और हनुमत इच्छा के आगे धर्मयात्रा की दिशा बदली और सुंदरकांड का संगीतमय सामूहिक पाठ हुआ। ग्राम पहुंचने पर यात्रा का भव्य स्वागत हुआ। धर्मध्वज थामने वाले पिपरिया निवासी भीखू वर्मा की भी आरती महिलाओं ने उतारी। ध्वज के मार्गदर्शक खम्मन ताम्रकार बने। मंदिर परिसर को ग्राम के युवाओं किसी उत्सव से सजाया था। यात्रा के साथ राजीव चंद्राकर,उत्तम दशरिया,विजय प्रताप सिंह,शिवम नामदेव,विजय दुबे,अजेन दशरिया,हर्षवर्धन वर्मा,सुखराम वर्मा,गौतम सेन,रुद्र जंघेल, गजानंद यादव, गोविंदा गाजे,क्रिस राजपूत,राहुल यादव,रुन्दु पंतारी, आयुष महोबिया सहित अन्य साथ रहे।

विधा की विधा और भावेश के भजनों ने बांधा समां
प्रख्यात कलाकार विधा सिंह राठौर निरंतर धर्मयात्रा के साथ चल रहीं हैं। और उनके भजन यात्रा में उत्साह बना रहे। वहीं इस बार विवि के कलाकार भावेश अग्रवाल के भजनों ने हनुमत भक्तों में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया। वहीं पूर्व जनपद सदस्य ललित चोपड़ा ने भी हनुमत भजनों से भक्तों को भाव विभोर कर दिया। तबले पर संगत बृजभूषण सिंह ने दिया।
शामिल हुए गणमान्य जन
धर्मयात्रा में गणमान्य भी निरंतर सहयात्री भी बनते जा रहे हैं। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता के साथ इस बार अधिवक्ता तीरथ चंदेल,नूनकरण साहू,हेमू साहू,दुजेराम वर्मा,सुरेंद्र सिंह सहित अन्य शामिल रहे।
मंदिर निर्माण के लिए दी राशि
पाठ तो विशेष रहता ही है। और विशेष रहा क्योंकि भाई दिवाकर के नेतृत्व वाली युवाओं की टीम ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रसादी का वितरण किया। वहीं हनुमान जी के सेवक बलदाऊ सोनी ने धर्मयात्रा को पांच हज़ार रुपए प्रदान किया । जिसे धर्मयात्रियों ने श्री रुक्खड़ बाबा के मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किया।
