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6 साल से बिना बजट खर्च कर रहे जनपद पंचायत छुईखदान, जिला सीईओ पर सदस्यों ने गुमराह करने आरोप लगाया Featured

00 जनपद सदस्यों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, करोड़ों की वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग

 

00 बिना बजट खर्च, अनुमोदन के बिना भुगतान और जानकारी देने से इनकार – छुईखदान जनपद कार्यालय घिरा सवालों में

 

खैरागढ़. जनपद पंचायत छुईखदान में लगातार हो रही वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जनपद सदस्यों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर केसीजी (छ.ग.) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कुल 5 गंभीर बिंदुओं को उठाते हुए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

 

बिना अनुमोदन के करोड़ों का भुगतान

 

ज्ञापन में पहला आरोप यह लगाया गया कि जनपद कार्यालय में बिना किसी वैध अनुमोदन के भुगतान किया गया है। सदस्यों ने मांग की कि संबंधित भुगतान कर्ता अधिकारी से वसूली की जाए और वह राशि जनपद के खाते में वापस जमा कराई जाए।

 

6 वर्षों से नहीं बना बजट, एडी. सीईओ ने खुद स्वीकारा

 

दूसरे बिंदु में एडी.सीईओ गोपाल गिरी के हवाले से बताया गया कि छुईखदान जनपद पंचायत में विगत 5–6 वर्षों से कोई बजट पारित ही नहीं किया गया है। बिना बजट और सामान्य प्रशासन समिति की अनुमति के करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है। इसके लिए जांच टीम गठित कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

 

2025-26 का बजट भी अब तक अधर में

 

ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2025-26 का बजट भी अब तक तैयार नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों के वेतन और कार्यालय व्यय को अनुमोदन नहीं मिल पा रहा। सदस्यों ने पंचायत संचालनालय रायपुर से एक वित्तीय टीम बुलाकर तत्काल बजट प्रक्रिया पूरी कराने की मांग रखी।

 

15वें वित्त आयोग की राशि में गड़बड़ी, जांच लटकी

 

चौथे बिंदु में बताया गया कि 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और मामले की जांच अभी तक अधूरी है। इसे शीघ्र पूर्ण कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। उक्त मामला में विधानसभा पर प्रश्न उठा था तब सरकार ने स्वयं ही स्वीकार किया था फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुआ।

 

सूचना से इंकार, जिला सीईओ गोलमोल जवाब दे रहे

 

पांचवां और अंतिम बिंदु यह था कि जनपद कार्यालय छुईखदान और जिला पंचायत खैरागढ़ को कई पत्र भेजे गए, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा रही है। जिला सीईओ पर आरोप लगाया गया कि वे गोलमोल जवाब देकर गंभीर वित्तीय मामलों को जानबूझकर लंबित कर रहे हैं।

 

जांच के साथ अपराध पंजीबद्ध करने की मांग

 

ज्ञापन में सभी बिंदुओं की सूक्ष्म जांच कराने और आर्थिक अनियमितता में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों पर अपराध दर्ज करने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपते समय जनपद सदस्यों ने कहा कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे।

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