लव जिहाद पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख के बाद अब छत्तीसगढ़ के मंत्री भूपेश बघेल का बयान।
रायपुर (ANI). मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा लव जिहाद पर कानून लाने पर महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख की तंज के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सवाल चर्चा में है।
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एजेंसी के मुताबिक पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से सवाल किया। उन्होंने कहा- ‘कई भाजपा नेताओं के परिवार के सदस्यों ने भी अंतर-धर्म विवाह किया है। मैं भाजपा नेताओं से पूछता हूं कि क्या ये विवाह लव जिहाद की परिभाषा में आते हैं ?’
इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री असलम शेख ने कहा था कि लव जिहाद जैसी बातें वहीं आएंगी, जहां सरकारों की काम करने की कार्यशैली में कमी आई है। महाराष्ट्र सरकार अच्छे से काम कर रही है, इसलिए हमें इस तरह की स्कीमें लाने की जरूरत नहीं है।
दरअसल, लव जिहाद को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में कानून बनाने की तैयारी है। लव जिहाद कहे जाने वाले ऐसे मामलों को उत्तर प्रदेश में गैर कानूनी धर्मांतरण माना जाएगा। ऐसे प्रकरणों में दोषी पाए जाने पर 5 से 10 साल की सजा का प्रावधान किया जा सकता है।
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इसी तरह मध्य प्रदेश सरकार ने पांच साल की सजा का प्रस्ताव अपने बिल में रखा है। देश में कुछ राज्य और हैं जो इसे लेकर कानून बनाने की तैयारी कर रहे हैं। आम बोलचाल में लव जिहाद कहे जाने वालों मामलों में बहला-फुसलाकर, झूठ बोलकर और जबरन धर्मांतरण कराते हुए अंतर धार्मिक विवाह किए जाने की घटनाएं आती हैं। प्रस्तावित कानून सभी धर्मों पर लागू होगा।
गहलोत से शेखावत ने किए सवाल
उधर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूछा है कि मुख्यमंत्री जी बताएं कि क्यों बालिकाओं, संगीता-गीता को फिरोज़ा बानो या रइसा बानो बनने पर मज़बूर किया जाता है। ये किस तरह का प्यार है। इसके बाद वो लव जिहाद पर कोई टिप्पणी करें।
जानिए क्या कहा था राजस्थान के मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा है कि लव जिहाद शब्द भाजपा ने देश को बांटने व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए गढ़ा है। शादी-विवाह व्यक्तिगत आजादी का मामला है जिस पर लगाम लगाने के लिए कानून बनाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह किसी भी अदालत में टिक नहीं पाएगा। प्रेम में जिहाद का कोई स्थान नहीं है।
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