ख़ैरागढ़ 00 अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग शिविर में प्रकृति व योग का समन्वय दिखा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ के पर्यावरण प्रान्त संयोजक डॉ अनिल कुमार ने कहा कि योग से हम अपने काया को निरोग रख सकते हैं बिना किसी औषधि के हम अपने शरीर को हर तरह से स्वस्थ व सुखी बना सकते हैं। भारत ने दुनिया को योग का ज्ञान दिया,जिससे आज विश्व मे भारत की एक गुरु के रूप में स्थान प्राप्त हुआ है। भारत प्राचीन समय से ही योग,अध्यात्म,ज्ञान ,दर्शन के बल पर विश्व गुरु रहा है और सबका मार्गदर्शन किया है। सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामयः की अपनी जन कल्याण की अवधारणा से सभी की निरोगी काया की प्रार्थना की गई है। इस कार्यक्रम में नगर संघचालक मनोज गिडिया, प्रदीप कुमार, जिला प्रचारक पुष्पेन्द्र, नीलिमा गोस्वामी, प्रीति यादव,निमेश्वरी शाहू,विक्रांत सिंह,घम्मन साहू,टी डी वर्मा, मोती लाल यादव चंदशेखर यादव,कृष्णा वर्मा,गायत्री चौहान आदि बड़ी संख्या में माताएं बहने और प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया।
प्रकृति से जुड़ें,प्रेम करें
डॉ. अनिल ने कहा कि योग से अपने और अपने परिवार को स्वस्थ सुखी बनाये,पर इसके लिए अपना जीवन पर्यावरण पूरक बनाये। हम सब प्रकृति से जुड़े उनसे प्रेम करे,उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करे। डॉ अनिल ने कहा कि जल,जंगल,जमीन,जानवर, जन सबमे तालमेल बैठाने की जरूरत है अगर अपने और अपने आने वाली पीढ़ी को बचना चाहते हैं तो हम सबको पर्यावरण युक्त जीवन जीना पड़ेगा।
हर घर बने हरित घर
डॉ. अनिल ने जन समुह को संकल्प दिलाया कि हम सभी अधिक से अधिक बीजारोपण, पौधरोपण व उसका संरक्षण करेंगे,जल का संरक्षण करेंगे,पॉलिथीन का बहिष्कार करेंगे। हर घर को हरित घर बनायेंगे। इस उपलक्ष्य में आज सभी लोगों ने बीजारोपण किया।
पर्यावरण गतिविधि के हैं प्रांत संयोजक
डॉ अनिल कुमार,मूलतः उत्तर प्रदेश कन्नौज के निवासी हैं। जन्म,स्कूल, कॉलेज की कोलकाता से हुई है। शिक्षा-बीकॉम,बीएचएम,एमएस,पीएचडी,उच्चशिक्षा कोलकाता, दिल्ली, चंडीगढ़ और बंगलोर से हुई है। आईटीडीसी दिल्ली में नौकरी करते थे।1998 में सरकारी नौकरी से त्याग पत्र दे कर आरएसएस के प्रचारक बने। दिल्ली में नगर, जिला प्रचारक रहे, 2 वर्ष सरकार्यवाह एच व्ही शेषाद्रि के निजी सहायक रहे, 2003 से 2014 तक जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख एवं दिल्ली में विभाग प्रचारक रहे, 2014 से 2016 विश्व हिंदू परिषद दिल्ली प्रदेश संगठन मंत्री रहे। 2017 से अनुभव विस्तार के लिए छत्तीसगढ़ आये और अति पिछड़ी जन जातियों पर काम किया। अगस्त 2019 से पर्यावरण गतिविधि के प्रांत संयोजक बने।अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख (पर्यावरण संरक्षण गतिविधि) की जिम्मेवारी आपके तरफ है।
आपका केंद राजनांदगांव छत्तीसगढ़ है।